पिंडरा, वाराणसी।
रमईपुर (पिंडरा) चौराहे पर भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रस्तावित किसान सभा गुरुवार को पुलिस की सख्ती के चलते नहीं हो सकी। प्रशासन द्वारा जगह-जगह किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने और भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण सभा स्थल पर सन्नाटा पसरा रहा।
बताया जाता है कि काशी द्वार, वर्ल्ड सिटी, हेरिटेज सिटी, वैदिक सिटी और गंजारी स्टेडियम के आसपास विकसित की जा रही नई टाउनशिप योजना के विरोध में जिला काउंसिल उत्तर प्रदेश किसान सभा के बैनर तले यह सभा आयोजित की गई थी। लेकिन सुबह से ही प्रशासनिक सख्ती और किसानों की धर-पकड़ के चलते कार्यक्रम नहीं हो सका।
हालांकि, दोपहर बाद चनौली गांव में कुछ किसान एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए आरोप लगाया कि सरकार जबरन भूमि अधिग्रहण कर रही है। वहीं, पुलिस के पहुंचने से पहले ही किसान वहां से हट गए।
सभा को देखते हुए क्षेत्र में सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई थी। मौके पर गोमती जोन एडीसीपी नृपेंद्र कुमार, एसीपी रोहनिया संजीव कुमार शर्मा, एसीपी पिंडरा प्रतीक कुमार समेत कई थानों की फोर्स मौजूद रही।
किसान नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
किसान सभा को रोकने के लिए पुलिस ने सुबह से ही सक्रियता दिखाते हुए कई किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया।
लल्लापुर में गेहूं की कटाई कर रहे किसान नेता रामजी सिंह को खेत से ही हिरासत में लेकर उनके घर पर निगरानी में रखा गया।
इसी तरह सोनपुरवा के श्यामनारायण, पुरारघुनाथपुर के मेवालाल और रमईपुर के फतेहनारायण पटेल को भी हाउस अरेस्ट किया गया। अन्य स्थानों पर भी पुलिस ने किसान नेताओं के घर दबिश दी, लेकिन कई नेता भूमिगत होने के कारण पुलिस के हाथ नहीं लगे।

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