लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 43 पीपीएस (प्रांतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों को प्रमोट कर एएसपी (असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) बना दिया है। इस फैसले को पुलिस महकमे में कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रमोट हुए अधिकारियों में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) कमिश्नरेट में तैनात स्वतंत्र कुमार सिंह भी शामिल हैं, जिन्हें प्रदेश के तेजतर्रार और सख्त पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है। कफ सिरप प्रकरण में उनकी सख्त कार्रवाई ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
स्वतंत्र कुमार सिंह अपनी कड़ी पुलिसिंग, अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख और सक्रिय कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। नोएडा और गाजियाबाद में तैनाती के दौरान उन्होंने कई जटिल मामलों का सफल खुलासा किया और अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई। उत्कृष्ट सेवा और बहादुरी के लिए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इसके अलावा प्रमोशन पाने वाले अन्य प्रमुख अधिकारियों में अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, राजेश तिवारी, हीतेंद्र कृष्ण, धर्मेंद्र कुमार यादव, अमित कुमार श्रीवास्तव, दीपक कुमार सिंह, एसएन वैभव पांडेय, स्नेहा तिवारी, हरिराम यादव, पंकज श्रीवास्तव और प्रेम प्रकाश यादव शामिल हैं।
वहीं अन्य सूची में वरुण कुमार सिंह, देवेंद्र सिंह, निष्ठा उपाध्याय, उदय प्रताप सिंह, अजीत कुमार रजक, गिरीश कुमार सिंह, आलोक प्रसाद, चंद्रकेश सिंह, अभिषेक तिवारी, पीयूष कांत राय, आलोक सिंह, सतीष चंद्र शुक्ल, बृजनारायण सिंह, ज्ञान प्रकाश राय, अभिनव यादव, अरविंद कुमार वर्मा, श्वेता कुमारी यादव, मोनिका यादव, राम आशीष यादव, समीक्षा यादव, इरफाना नासिर खान, संतोष कुमार सिंह, अशोक कुमार वर्मा और अभिषेक प्रताप सिंह को भी एएसपी पद पर पदोन्नति दी गई है।
सरकार के इस निर्णय से पुलिस बल में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है, साथ ही कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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