विश्व गौरैया दिवस पर छात्रों ने बनाए सुंदर व टिकाऊ घोंसले

पिंडरा।
पिंडरा विकास खंड के कंपोजिट स्कूल रमईपट्टी में विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर शुक्रवार को छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण का सराहनीय संदेश दिया। बच्चों ने अपने हाथों से छोटे-छोटे सुंदर और टिकाऊ घोंसले बनाकर गौरैया के संरक्षण की दिशा में पहल की। साथ ही उन्होंने पक्षियों के लिए दाना-पानी मुहिम चलाने का भी संकल्प लिया।

विद्यालय के स्टेट अवॉर्डी शिक्षक कमलेश कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में पिछले सात वर्षों से छात्र हर वर्ष 20 मार्च को गौरैया दिवस मनाते आ रहे हैं। इस दौरान वे पक्षियों के संरक्षण की शपथ लेते हैं और विद्यालय व अपने घरों पर उनके लिए घोंसले तथा दाना-पानी की व्यवस्था करते हैं।

इस अवसर पर आईसीटी पाठशाला की ओर से आयोजित क्विज प्रतियोगिता में एक दर्जन छात्रों ने भाग लेकर गौरैया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। विद्यालय के पर्यावरण मंत्री अभय ने बताया कि स्कूल परिसर में लगाए गए घोंसलों में विभिन्न पक्षियों के साथ-साथ उल्लू ने भी अपना बसेरा बना लिया है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।

कक्षा 8 की छात्रा रीत विश्वकर्मा ने बताया कि विश्व गौरैया दिवस का उद्देश्य लोगों को इस पक्षी के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गौरैया, जो कभी घर-आंगन की सामान्य चिड़िया थी, आज प्रदूषण, पेड़ों की कटाई, मोबाइल टावरों के रेडिएशन और बढ़ते शहरीकरण के कारण तेजी से विलुप्त हो रही है।

कक्षा 7 के छात्र रवि ने जानकारी दी कि इस दिवस की शुरुआत भारत में नेचर फॉरएवर सोसाइटी और पर्यावरणविद मोहम्मद दिलावर ने की थी। वहीं कक्षा 6 के छात्र अंश ने कहा कि हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाकर और सुरक्षित वातावरण बनाकर गौरैया की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यह हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस मौके पर शिक्षिका निर्मला देवी, आरती सिंह, धर्मराज सिंह, स्नेहा श्रीवास्तव और प्रतिमा देवी ने छात्रों के प्रयासों का अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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