यूपी भाजपा में संगठन का विस्तार: 11 नए जिलाध्यक्ष घोषित

सामाजिक संतुलन पर फोकस, 3 जिलों में अभी फैसला बाकी

Bharatiya Janata Party ने उत्तर प्रदेश में संगठन पर्व के तहत 11 नए जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary द्वारा जारी ताजा सूची में पश्चिम, ब्रज और अवध क्षेत्रों के जिलों को प्राथमिकता दी गई है।

सबसे अधिक चार जिलाध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र में, दो ब्रज में और तीन अवध क्षेत्र में घोषित किए गए हैं। काशी क्षेत्र के मिर्जापुर में लाल बहादुर सरोज को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हालिया घोषित 11 जिलाध्यक्ष

शामली – रामजी लाल कश्यप

अमरोहा – उदय गिरि गोस्वामी

सहारनपुर – अजीत सिंह राणा

बागपत – नीरज शर्मा

पीलीभीत – गोकुल प्रसाद मौर्य

लखीमपुर – अरविंद गुप्ता

गोण्डा – इकबाल बहादुर तिवारी

अयोध्या जिला – राधेश्याम त्यागी

अयोध्या महानगर – कमलेश श्रीवास्तव

मिर्जापुर – लाल बहादुर सरोज

सिद्धार्थनगर – दीपक मौर्य

सामाजिक संतुलन पर जोर

नई सूची में सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति स्पष्ट नजर आ रही है। घोषित 95 जिलाध्यक्षों में:

51 सामान्य वर्ग से

24 ब्राह्मण

14 ठाकुर

5 कायस्थ

6 वैश्य

35 ओबीसी वर्ग से

9 अनुसूचित जाति वर्ग से

हालिया 11 नामों में भी ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ब्राह्मण वर्ग को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने संतुलन साधने का प्रयास किया है।

तीन जिलों में अब भी अटकी नियुक्ति

देवरिया, चंदौली और बनारस जिलों में जिलाध्यक्ष की घोषणा अभी शेष है। देवरिया में स्थानीय नेताओं के बीच सहमति न बनने से मामला लंबित बताया जा रहा है। बनारस में नियुक्ति को लेकर उच्च स्तर पर निर्णय होना है, जबकि चंदौली में भी संगठनात्मक स्तर पर चर्चा जारी है।

कुछ प्रमुख चेहरों पर नजर

गोकुल प्रसाद मौर्य (पीलीभीत): लंबे समय से संगठन में सक्रिय, ओबीसी समीकरण को साधने की रणनीति का अहम हिस्सा।

उदय गिरि गोस्वामी (अमरोहा): लगभग चार दशक से संगठन से जुड़े, मजबूत संगठनात्मक पकड़।

इकबाल बहादुर तिवारी (गोण्डा): तीसरी बार जिलाध्यक्ष बने, पहले भी दो कार्यकाल संभाल चुके हैं।

नीरज शर्मा (बागपत): पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके, ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचान।

लाल बहादुर सरोज (मिर्जापुर): संगठन में सक्रिय भूमिका, सामाजिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण नियुक्ति।

महिला प्रतिनिधित्व कम

तीसरी सूची में एक भी महिला को स्थान नहीं मिला। अब तक घोषित 95 जिलाध्यक्षों में केवल 8 महिलाएं हैं, जो कुल संख्या के मुकाबले कम मानी जा रही हैं।

प्रदेश नेतृत्व अब नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया में भी जुट गया है। पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, जिसे आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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