नियम विरुद्ध नोटिस व लाइसेंस निलंबित करने पर उद्यमी बिफरे

बैठक में मंडी सचिव को उद्यमियों ने घेरा

पिंडरा। मंडी समिति द्वारा पांच उद्यमियों के लाइसेंस निलंबित किए जाने और कथित उत्पीड़न के विरोध में शुक्रवार को एग्रो पार्क करखियाव परिसर में उद्यमियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्यमियों ने मंडी सचिव विपुल कुमार के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से गुहार लगाएंगे।

बैठक अपराह्न में आयोजित की गई, जिसमें मंडी सचिव के लगभग एक घंटे देर से पहुंचने पर उद्यमी और आक्रोशित हो गए। उद्यमियों का आरोप था कि बिना नोटिस के जवाब पर विचार किए पांच फैक्ट्रियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। साथ ही बिना स्पष्ट सूचना व नियम बताए 5 हजार रुपये से लेकर 66 लाख रुपये तक मंडी शुल्क लगाए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई।

उद्यमियों ने कहा कि करखियाव क्षेत्र में सभी इकाइयां प्रोसेसिंग यूनिट हैं, ऐसे में उन्हें ट्रेडिंग यूनिट मानकर उत्पाद पर डेढ़ प्रतिशत की दर से शुल्क किस नियम के तहत लगाया गया। उनका कहना था कि अन्य जिलों में ऐसी व्यवस्था लागू नहीं है।

इस पर मंडी सचिव ने जवाब देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी तथा शीघ्र ही उद्यमियों के साथ एक सेमिनार आयोजित कर मंडी समिति के नियमों में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी।

बैठक के दौरान उद्यमियों ने एक स्वर में प्रोसेसिंग एरिया में ट्रेडिंग के नाम पर शुल्क लगाए जाने के निर्णय को अस्वीकार्य बताया। उद्यमियों ने इस संबंध में मुख्य सचिव (उद्योग) मनोज कुमार सिंह को भी शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

इस अवसर पर एग्रो पार्क इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मनोज मद्धेशिया, संरक्षक संतोष जायसवाल, महामंत्री आनंद जायसवाल, उपाध्यक्ष बृजेश गुप्ता, संदीप तुलस्यान, राजेश राय, शंकर दयाल व शुभम गुप्ता सहित अनेक उद्यमी उपस्थित रहे।

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