वाराणसी साइबर सेल की बड़ी सफलता: 50 लाख की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की ‘प्रतिबिम्ब सेल’ (साइबर क्राइम सेल) ने फर्जी क्रेडिट कार्ड ऐप के माध्यम से लगभग ₹50 लाख की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई Uttar Pradesh Police के निर्देशन में पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त अपराध के नेतृत्व में की गई।

कार्यालय पुलिस उपायुक्त अपराध, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को प्रातः 05:00 बजे विधिवत पूछताछ के बाद तीनों अभियुक्तों को साइबर सेल कार्यालय से गिरफ्तार किया गया।


गिरफ्तार अभियुक्त

  1. अनीश वर्मा (जनपद बलिया)
  2. पुरुषोत्तम कुमार (जनपद देवघर, झारखंड)
  3. टुकटुक कुमार पंडित (जनपद देवघर, झारखंड)

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम (Modus Operandi)

गिरोह द्वारा अपनाई गई पद्धति तकनीकी रूप से बेहद संगठित थी—

फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर “क्रेडिट कार्ड बनवाने/लिमिट बढ़ाने” का विज्ञापन

इच्छुक लोगों से मोबाइल नंबर, पैन कार्ड और बैंक डिटेल प्राप्त करना

ICICI Bank के नाम से मिलती-जुलती कूटरचित APK फाइल इंस्टॉल कराना

वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित का कार्ड विवरण हासिल करना

इंस्टॉलेशन के बाद OTP और SMS डेटा “ICICI Admin” ऐप पर प्राप्त करना

OTP का उपयोग कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, वॉलेट ट्रांसफर व वर्चुअल कार्ड बनाकर धन निकासी

फर्जी सिम और बार-बार बदले गए मोबाइल उपकरणों का प्रयोग

‘रेंट पे’ फैसिलिटी के जरिए रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर करना

प्रारंभिक जांच में करीब ₹50 लाख रुपये की साइबर ठगी का अनुमान है।


बरामदगी

अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने बरामद किए—

10 मोबाइल फोन

9 सिम कार्ड

लगभग 200 फर्जी APK फाइलें

संदिग्ध ऐप्स: ICICI Admin, User Admin, Virtual Card Holder, Zetpartner, Zil Money, T-Wallet, C-Wallet, Superpay, Aaba Pay आदि


दर्ज धाराएं

अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 111, 318, 318(4), 319, 336, 338, 340 तथा आईटी एक्ट की धारा 66D, 43, 66 के तहत थाना साइबर क्राइम में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

विवेचना प्रभारी निरीक्षक उदय वीर सिंह को सौंपी गई है।


तकनीकी जांच में अहम खुलासे

IMEI जांच में NCRP पोर्टल पर कई शिकायतों से लिंक मिला

JMIS पोर्टल के माध्यम से विभिन्न राज्यों में दर्ज FIR से कनेक्शन स्थापित

डिजिटल साक्ष्यों की विधिवत MD5 हैश वैल्यू जनरेट कर संरक्षित किया गया


कार्रवाई करने वाली टीम

प्रतिबिम्ब सेल / साइबर सेल टीम

मनोज तिवारी (प्रभारी साइबर सेल)

हिमांशु त्रिपाठी (प्रभारी प्रतिबिम्ब सेल)

अंकित कुमार गुप्ता

आदर्श आनंद सिंह

जावेद अख्तर

थाना सारनाथ टीम

बुधराज

देवेंद्र प्रताप सिंह


जनसामान्य से अपील

किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल को इंस्टॉल न करें।

OTP, कार्ड विवरण या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें।

साइबर अपराध की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल पर दें।


निष्कर्ष

कमिश्नरेट वाराणसी की ‘प्रतिबिम्ब सेल’ की यह कार्रवाई साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता मानी जा रही है। डिजिटल ठगी के इस संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश कर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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