में सुरक्षा सख्त: बिना अनुमति दौरे पर रोक, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को दी प्राथमिकता

वाराणसी। दालमंडी क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण व ध्वस्तीकरण कार्य के बीच शनिवार को प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त रुख अपनाया। प्रस्तावित राजनीतिक दौरे की सूचना के बाद पुलिस ने एहतियातन कई पदाधिकारियों को अभिरक्षा में लिया और निर्माण क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगा दी।

प्रशासन का रुख: पहले सुरक्षा, फिर सियासत

दालमंडी में इन दिनों सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत व्यापक ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए किसी भी प्रतिनिधिमंडल या समूह को पूर्व अनुमति के बिना क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सुबह से ही पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए कई नेताओं को उनके आवास पर ही रोक दिया। सपा नेता समद अंसारी को दालमंडी की ओर बढ़ते समय रोका गया, जबकि पूर्व विधायक प्रत्याशी पूजा यादव को चौक पुलिस ने दालमंडी मोड़ से वापस भेज दिया। अर्दली बाजार स्थित पार्टी कार्यालय में जिला अध्यक्ष सुजीत यादव को भी पुलिस अभिरक्षा में रखा गया।

विकास कार्य के बीच सख्ती

प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। निर्माण क्षेत्र में भीड़ या राजनीतिक गतिविधियों से कार्य में बाधा और सुरक्षा जोखिम की आशंका को देखते हुए प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक सख्ती जरूरी है।

सपा का विरोध, प्रशासन सतर्क

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां संवेदनशील हैं और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना प्राथमिकता है।

दालमंडी परियोजना को लेकर जिले का राजनीतिक माहौल गरम है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास कार्य और कानून-व्यवस्था दोनों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

— वाराणसी अपडेट | रॉयल शाइन टाइम्स

About The Author

Share the News