गांव का लाल बना वैज्ञानिक, गांव में खुशी

पिंडरा।
गांव से निकलकर देश की सेवा करने का सपना सच कर दिखाया है जगदीशपुर के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे समीर श्रीवास्तव ने। कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास के बल पर समीर का चयन देश के प्रतिष्ठित के सेंटर फॉर मशीन इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस में डेटा साइंटिस्ट के पद पर हुआ है। 20 जनवरी को उन्होंने महाराष्ट्र स्थित संस्थान में कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।

समीर श्रीवास्तव के पिता मनोज श्रीवास्तव अधिवक्ता हैं, जबकि माता सुषमा श्रीवास्तव ग्राम्यांचल इंटर कॉलेज, गंगापुर में प्रधानाचार्या के पद पर कार्यरत हैं। समीर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नेशनल इंटर कॉलेज, पिंडरा से हाईस्कूल तथा यूपी कॉलेज, वाराणसी से इंटरमीडिएट तक की। इसके बाद उन्होंने गलगोटिया कॉलेज, ग्रेटर नोएडा से बीटेक और रामकृष्ण परमहंस टेक्नोलॉजी, कोलकाता से एमटेक की पढ़ाई पूरी की।

शिक्षा के हर पड़ाव पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समीर ने अंततः डेटा साइंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन, शिक्षकों के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत को दिया।

समीर की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि समीर आज गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं और यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मजबूत संकल्प से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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