नोएडा/गाजियाबाद। फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह के खिलाफ को बड़ी सफलता मिली है। STF ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व क्षति पहुंचाने वाले इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
STF के अनुसार, यह गिरोह विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर कूटरचित इनवॉइस और ई-वे बिल के माध्यम से वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) बेच रहा था। इस नेटवर्क के जरिए वास्तविक फर्मों द्वारा 30 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी की गई।
गिरफ्तार अभियुक्त
- हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस – निवासी टैगोर गार्डन, नई दिल्ली
- जितेन्द्र झा – मूल निवासी समस्तीपुर (बिहार), वर्तमान पता नई दिल्ली
- पुनीत अग्रवाल – निवासी पश्चिम बिहार, नई दिल्ली
- शिवम – निवासी विजय इन्क्लेव, नई दिल्ली
बरामदगी
- 2 लैपटॉप
- 9 मोबाइल फोन
- 3 आधार कार्ड
- ₹55,840 नकद
चारों अभियुक्तों को STF फील्ड यूनिट, कार्यालय में पूछताछ के दौरान 09 जनवरी 2026 को दोपहर 14:40 बजे गिरफ्तार किया गया।
कैसे चलता था GST चोरी का खेल
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त हरदीप सिंह अकाउंटेंसी से जुड़े कार्य करता था और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में, बिना खरीद के फर्जी सेल्स इनवॉइस, ई-वे बिल और फर्जी GST रिटर्न दाखिल करता था।
वास्तविक फर्मों से जीएसटी नंबर और माल/सेवा का विवरण व्हाट्सएप के जरिए लेकर बोगस फर्मों के नाम से इनवॉइस जनरेट किए जाते थे। बैंक ट्रांजैक्शन दिखाने के लिए सर्कुलर ट्रेडिंग और कैश एडजस्टमेंट का सहारा लिया जाता था। अभियुक्तों के मोबाइल से 30 से अधिक ई-मेल आईडी और कई फर्मों के बैंक लॉगिन से जुड़े अहम सबूत भी बरामद हुए हैं।
प्राथमिक जांच
प्राथमिक जांच में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पंजीकृत कई बोगस फर्मों के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी की पुष्टि हुई है।
यह कार्रवाई थाना कवि नगर, में दर्ज मुकदमा संख्या 626/25 के तहत की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों को संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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