सिंधोरा। थाना क्षेत्र में रात्रि गश्त न होने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगस्त माह से सिंधोरा थाना पुलिस की रात्रिकालीन गश्त लगभग शून्य है, जिसके चलते असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। लोगों का कहना है कि रात के समय थाना क्षेत्र के किसी भी चौराहे या संवेदनशील स्थान पर पुलिस की मौजूदगी नहीं रहती, जिससे अवैध कार्य खुलेआम किए जा रहे हैं।
इसी लापरवाही का गंभीर परिणाम 08 जनवरी 2026 को सामने आया, जब थाना क्षेत्र के महगांव गांव में कोर्ट के पास एक अज्ञात शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का मानना है कि यदि नियमित रात्रि गश्त होती तो अपराधियों में भय बना रहता और शायद यह घटना घटित ही न होती।
स्थानीय लोगों ने यह आशंका भी जताई है कि रात के समय चल रहे अवैध खनन से जुड़े माफियाओं के कारण कहीं कोई अप्रिय घटना तो नहीं हुई, जिसके बाद शव को यहां लाकर रख दिया गया हो। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सिंधोरा थाना पुलिस की निष्क्रियता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
गौरतलब है कि रॉयल शाइन टाइम्स लगातार रात्रि गश्त की कमी और अवैध गतिविधियों को लेकर खबरें प्रकाशित कर रहा है, बावजूद इसके स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि रात्रिकालीन गश्त तत्काल बहाल की जाए, अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई हो और अज्ञात शव की घटना का शीघ्र खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

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