नववर्ष पर संकट हरण की शरण में काशीवासी, संकट मोचन मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

वाराणसी।
नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर काशीवासियों ने वर्ष की शुरुआत भक्ति, आस्था और विश्वास के साथ की। नए साल के पहले दिन संकट हरण के प्रतीक संकट मोचन हनुमान मंदिर में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “जय बजरंगबली” और “हनुमान जी की जय” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।

सुबह होते-होते मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को सिंदूर, चोला, लड्डू और प्रसाद अर्पित कर नववर्ष में सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सभी संकटों से मुक्ति की कामना की। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में परिवार, युवा और बुजुर्ग पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर सहित आसपास की सड़कों पर भी भक्तों की खासी चहल-पहल देखने को मिली।

भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के कारण दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने और कतार में रहकर दर्शन करने की अपील की गई, जिसका भक्तों ने पूर्ण सहयोग किया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संकट मोचन हनुमान की आराधना से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। यही कारण है कि नववर्ष जैसे विशेष अवसर पर काशी ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। भक्तों का कहना है कि नए साल की शुरुआत प्रभु हनुमान के दर्शन से करने से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बना रहता है।

नववर्ष के अवसर पर काशी के अन्य धार्मिक स्थलों की तरह संकट मोचन मंदिर भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा, जहां श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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