उप कृषि निदेशक ने किया किसान पाठशाला का निरीक्षणकिसानों को संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की दी सलाह

चौबेपुर/वाराणसी।
कृषि विभाग द्वारा क्षेत्र के भंदहांकलां स्थित साधन सहकारी समिति परिसर में संचालित किसान पाठशाला का सोमवार को जिला कृषि अधिकारी के साथ उप कृषि निदेशक ने निरीक्षण किया। इस दौरान किसान पाठशाला में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो हरित क्रांति से उपजी खुशहाली का रंग फीका पड़ जाएगा और भविष्य में पछताने के अलावा कुछ शेष नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग से ही दूसरी हरित क्रांति संभव हो सकेगी। साथ ही धरती मां की सुरक्षा के लिए किसानों से गो-आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।

इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने किसानों को उचित दर पर उर्वरक खरीदने की सलाह देते हुए कहा कि खाद की बोरी पर अंकित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक न खरीदें। यदि कोई व्यापारी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचता है तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। ऐसे दुकानदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से जागरूक रहकर कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

किसान पाठशाला में मास्टर ट्रेनर देवमणि त्रिपाठी ने प्राकृतिक खेती, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम प्रणाम योजना तथा कृषि उत्पादन में एफपीओ की भूमिका पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा के मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाकर विषमुक्त खाद्यान्न उत्पादन करने की अपील की।

इस दौरान समिति सचिव चंद्र प्रकाश, महेंद्र यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव, चंद्रदेव यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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