पिंडरा, वाराणसी।
वाराणसी जिले के पिंडरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा ओदार में विकास के नाम पर एक ऐसा कूड़ा घर बनाया गया है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा। हालात ऐसे हैं कि यह ढांचा देखकर यह अंदाज़ा ही नहीं लगाया जा सकता कि यह कूड़ा घर है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस उद्देश्य से सरकारी धन खर्च कर कूड़ा घर बनाया गया, वह उद्देश्य पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। कूड़ा घर में न तो कूड़ा है, न ही कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था। ऊपर से जो टीन शेड लगाया गया था, वह भी गायब है।
मॉडल ग्राम सभा का दावा, ज़मीनी हकीकत शून्य
ग्राम प्रधान द्वारा ओदार को “मॉडल ग्राम सभा” बताया जाता है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई इस दावे को आईना दिखा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कूड़ा घर सिर्फ कागजों में ही बना है, जबकि हकीकत में यह सरकारी धन के दुरुपयोग का उदाहरण बन चुका है।
ग्रामीणों में आक्रोश
गांव के लोगों का आरोप है कि
“सरकारी पैसे पर ग्राम प्रधान द्वारा खुला ढोंग किया गया है। काम सिर्फ दिखावे के लिए कराया गया, ज़मीन पर कोई सुविधा नहीं है।”
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि न तो यहां नियमित सफाई होती है, न ही कूड़ा एकत्र करने की कोई व्यवस्था है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण विकास योजनाओं की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि
कूड़ा घर निर्माण की जांच कराई जाए
खर्च की गई धनराशि का ऑडिट हो
दोषी जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
सवालों के घेरे में प्रधान और सिस्टम
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
बिना उपयोग का कूड़ा घर क्यों बनाया गया?
टीन शेड कहां गया?
भुगतान किस आधार पर हुआ?
यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला ग्रामीण विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बन सकता है।

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