ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव, किसानों को मिल रही आधुनिक तकनीक की सौगात

वाराणसी (पिंडरा)।
विकास खंड पिंडरा के करखियाव गांव में किसानों ने ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कराया। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से अब किसानों का काम आसान और कम समय में पूरा हो रहा है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित “ड्रोन दीदी” योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके बाद वे कृषि कार्यों में ड्रोन के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कृषि भूमि पर अब नैनो यूरिया का छिड़काव ड्रोन से किया जा रहा है। पहले जहां इस कार्य में किसानों को 4 से 5 घंटे तक का समय और काफी मेहनत लगती थी, वहीं अब ड्रोन के जरिए यह काम महज 1 से 2 घंटे में पूरा हो जाता है। ड्रोन से छिड़काव के लिए किसानों से लगभग 300 रुपये प्रति एकड़ शुल्क लिया जा रहा है। नैनो यूरिया फसल के साथ-साथ मिट्टी के लिए भी लाभकारी है, जिससे मृदा की उपजाऊ क्षमता प्रभावित नहीं होती।

इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि आधुनिक तकनीक ने खेती को सरल बना दिया है। कृषि विभाग किसानों के हित में लगातार प्रयास कर रहा है। इफको के सहयोग से ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर छिड़काव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले परंपरागत दानेदार यूरिया का उपयोग होता था, लेकिन अब लिक्विड नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है। बीज बोने के बाद जब फसल में पत्तियां आती हैं, तब पहला छिड़काव किया जाता है, जिससे नैनो यूरिया सीधे जड़ों तक पहुंचता है और व्यर्थ बिखरता नहीं। फसल में कम से कम दो बार इसका छिड़काव किया जाता है।

वहीं किसान अश्वनी सिंह ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव के कारण समय की बचत हो रही है और पैदावार भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से गेहूं की फसल में लगातार ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव कराया जा रहा है, जिससे उत्पादन में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिली है।

इस अवसर पर किसान जयप्रकाश सिंह, अजय सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह, अनिल सिंह, अखिलेश सिंह, किसन सिंह, मृत्युंजय वर्मा, रामू वर्मा, सतीश राजभर तथा ड्रोन दीदी आशा देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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