फर्जी लाइसेंस से करोड़ों की अवैध बिक्री, दो आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी।
काशी में कफ सिरप तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को फर्जी मेडिकल लाइसेंस और नशे के अवैध कारोबार पर अब तक की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कोतवाली पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम ने थाना स्थानीय पर दर्ज मु.अ.सं. 235/2025 (एनडीपीएस एक्ट व बीएनएस की सुसंगत धाराओं) के तहत विशाल कुमार जायसवाल और बादल आर्य को गिरफ्तार किया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया गया है।
इस तरह चलता था करोड़ों का कफ सिरप खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह बनाकर—
- फर्जी रेंट एग्रीमेंट, अनुभव प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए ड्रग लाइसेंस हासिल करते थे।
- इन लाइसेंसों का उपयोग कर कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री नशे के लिए करते थे।
- लेनदेन छिपाने के लिए फर्जी ई-वे बिल बनाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार—
- विशाल कुमार की फर्म ‘हरी ओम फार्मा’ ने शैली ट्रेडर्स, रांची से 4,18,000 शीशी कफ सिरप खरीदी, जिसे ₹5 करोड़ से अधिक में अवैध रूप से बेचा गया।
- बादल आर्य की फर्म ‘काल भैरव ट्रेडर्स’ ने 1,23,000 शीशी की खरीद कर ₹2 करोड़ से अधिक का गैरकानूनी कारोबार किया।
ई-वे बिलों में जिन वाहनों का उल्लेख था, उनके मालिकों के बयानों से फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है।
पूछताछ में अहम खुलासे
गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि—
- हाई-प्रोफाइल कफ सिरप नेटवर्क ने “कम समय में ज्यादा कमाई” का लालच दिया।
- उनकी फर्में केवल कागजों पर थीं, माल दुकान पर नहीं आता था बल्कि सीधे दूसरे राज्यों में भेजा जाता था।
- बैंक खातों का संचालन दिवेश जायसवाल करता था, जो ओटीपी लेकर लेनदेन कराता था।
- दोनों ने मिलकर करीब ₹7 करोड़ का अवैध कारोबार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त
- विशाल कुमार जायसवाल — निवासी हुकुलगंज, लालपुर-पांडेयपुर
- बादल आर्य — निवासी हुकुलगंज, लालपुर-पांडेयपुर
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद समेत अन्य के खिलाफ पहले से कार्रवाई जारी है। कई संदिग्ध फर्मों, बैंक खातों और ई-वे बिलों की विस्तृत जांच की जा रही है।
👉 पुलिस का कहना है कि यह मामला वाराणसी में सामने आए अब तक के सबसे बड़े फर्जी मेडिकल और कफ सिरप तस्करी नेटवर्क में से एक है, जिसमें आगे और बड़े खुलासे संभव हैं।
रिपोर्ट: रॉयल शाइन टाइम्स, वाराणसी

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