पर्यावरण को नुकसान, जुर्माना भी तय… फिर भी वसूली पर खामोश क्यों सरकार?

वाराणसी में गंगा किनारे बनाई गई टेंट सिटी पर पर्यावरणीय नुकसान को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। एनजीटी ने यूपी सरकार से पूछा है कि आखिरकार 34.25 लाख रुपये का जुर्माना अब तक क्यों नहीं वसूला गया।

जानकारी के अनुसार, एनजीटी ने 30 अक्टूबर 2023 को टेंट सिटी संचालित करने वाली दो कंपनियों—लल्लू जी एंड संस और प्रवेग कम्युनिकेशन इंडिया लिमिटेड—पर 17.12-17.12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बावजूद अब तक यह राशि वसूल नहीं की गई है।

टेंट सिटी में करीब 260 कॉटेज बनाए गए थे, जिनमें कटेसर क्षेत्र में 120 और निरान क्षेत्र में 140 टेंट लगाए गए थे। पर्यावरण को नुकसान का हवाला देते हुए तुषार गोस्वामी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने सरकार की लापरवाह कार्यशैली पर नाराज़गी जताई।

यूपी सरकार ने फिलहाल एनजीटी से अतिरिक्त समय की मांग की है और अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।

यह मामला सिर्फ जुर्माना वसूली का ही नहीं बल्कि गंगा किनारे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक अहम सवाल बन गया है।

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