प्रदेश के प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र ने शनिवार को वाराणसी स्थित क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मृदा परीक्षण की प्रक्रिया, उपकरणों की कार्यप्रणाली और नमूना विश्लेषण की पारदर्शिता का गहन अवलोकन किया।
निरीक्षण में संयुक्त कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार, ब्यूरो प्रमुख ए.के. सिंह, उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल, आईटी सेल के उप कृषि निदेशक विशाल सिंह, और जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह भी मौजूद रहे।
प्रयोगशाला में विभिन्न पटल पर कार्यरत तकनीकी विशेषज्ञों से संवाद करते हुए प्रमुख सचिव ने मृदा परीक्षण की प्रगति की जानकारी ली। सहायक निदेशक राजेश राय द्वारा बताया गया कि मंडल को 75,600 मृदा नमूनों के विश्लेषण का लक्ष्य मिला है, जिसमें अब तक 32,000 किसानों के नमूनों का परीक्षण कर कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।
- दिए गए मुख्य निर्देश:
- शेष मृदा नमूनों का समय पर विश्लेषण कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए जाएं।
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग और उसकी संस्तुतियों के अनुसार उर्वरकों के प्रयोग के लिए किसानों को प्रशिक्षित और प्रेरित किया जाए।
- संयुक्त कृषि निदेशक को निर्देशित किया गया कि सभी किसानों तक कार्ड की उपयोगिता की जानकारी पहुँचाई जाए।
प्रमुख सचिव ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, गति, और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

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