वाराणसी। शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार कार्य में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। नगर निगम द्वारा लगभग 3.57 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट का जब महापौर अशोक कुमार तिवारी ने औचक निरीक्षण किया, तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मौके पर ही महापौर ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण में सामने आई खामियां
महापौर के निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली लापरवाहियां उजागर हुईं—
- पुराने खंभों की बिना सफाई और मरम्मत किए ही सीधे पेंटिंग कर दी गई
- नए लगाए गए पत्थरों में शुरुआती चरण में ही सीपेज (पानी का रिसाव) दिखाई दिया
- निर्माण कार्य में तय मानकों की अनदेखी और सिर्फ खानापूर्ति साफ नजर आई
इन खामियों को देखकर महापौर ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पार्षद की शिकायत के बाद हरकत में आया निगम
गौरतलब है कि 22 मार्च को क्षेत्रीय पार्षद राम गोपाल वर्मा ने नगर निगम सदन में इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जीर्णोद्धार कार्य संतोषजनक नहीं है और कार्यदायी संस्था मनमाने तरीके से काम कर रही है। शिकायत के बाद ही महापौर ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता आरके सिंह भी मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए—
- कार्य की निगरानी सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर से सुनिश्चित की जाए
- कुंड के पानी का ट्रीटमेंट आधुनिक तकनीक और मानकों के अनुसार किया जाए
- निर्माण गुणवत्ता में तत्काल सुधार किया जाए
भुगतान रोकने और कार्रवाई की चेतावनी
महापौर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित कार्यदायी संस्था का भुगतान रोक दिया जाएगा और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
(रॉयल शाइन टाइम्स)

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