यूरोप के द्वार अब यूपी के युवाओं के लिए खुले

भारत–यूरोपीय संघ संवाद से बढ़ेंगी वैश्विक रोजगार संभावनाएं

वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार और शिक्षा के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सेवायोजन निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार और के सहयोग से “प्रवासन एवं गतिशीलता पर सहयोग एवं संवाद परियोजना (CDMM – Phase II)” के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन वाराणसी स्थित Hotel Clarks में किया गया।

कार्यशाला का विषय था – “उत्तर प्रदेश के साथ भारत–यूरोप अवसरों का समन्वय”। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों एवं संबंधित हितधारकों को यूरोपीय देशों में सुरक्षित, वैध और नैतिक रोजगार व शिक्षा के अवसरों के प्रति जागरूक करना तथा संस्थागत समन्वय को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सर्वाधिक युवा आबादी वाला देश है और उत्तर प्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ‘हर हाथ को काम’ लक्ष्य के तहत प्रदेश सरकार देश-विदेश में रोजगार की संभावनाओं को साकार करने के लिए सतत प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर एवं जापान गया, जबकि उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल यूरोपीय संघ देशों में निवेश और रोजगार अवसरों की तलाश में गया है। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से अब तक 6000 से अधिक श्रमिकों को इज़राइल भेजा जा चुका है, जो प्रतिवर्ष लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक का रेमिटेंस प्रदेश में भेज रहे हैं। 1500 युवाओं को इज़राइल भेजने की प्रक्रिया जारी है।

निदेशक, सेवायोजन (आईएएस) ने कहा कि यह कार्यशाला युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षित और पारदर्शी प्रवासन युवाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवासन नीति एवं कल्याण (EP&W) विभाग की संयुक्त सचिव ने विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों के कल्याण से जुड़ी नीतियों पर प्रकाश डाला। भारतीय विश्व मामलों की परिषद के संयुक्त सचिव ने अंतरराष्ट्रीय मामलों और भारतीय विदेश नीति पर संवाद की आवश्यकता बताई।

यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल की प्रथम सचिव ने बताया कि यूरोप में वृद्ध होती जनसंख्या के कारण हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। इटालियन दूतावास के काउंसलर (चांसलरी प्रमुख) ने शेंगेन वीजा, यूरोपीय यूनियन ब्लू कार्ड और माइग्रेशन नीतियों की जानकारी दी।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन नीति विकास केंद्र की कंट्री को-ऑर्डिनेटर ने प्रवासन नीति विकास, शोध, संवाद और क्षमता निर्माण पर विस्तृत जानकारी साझा की।

मंडलायुक्त ने कहा कि भारत–यूरोपीय संघ सहयोग के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का दायरा विस्तृत होगा।

कार्यक्रम में उपनिदेशक सेवायोजन रवि शेखर आनंद, सहायक निदेशक सेवायोजन मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश में सुरक्षित, वैध और नैतिक अंतरराष्ट्रीय प्रवासन को बढ़ावा देने तथा युवाओं को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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