वाराणसी — भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज अपने पहले दौरे पर काशी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति ने सिगरा स्थित नटुकोट्टई धर्मशाला का भव्य उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह के बाद उपराष्ट्रपति श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे जहां उन्होंने गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और षोडशोपचार विधि से पूजन किया। पूजा-अर्चना के बाद वे बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होंगे।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था:
उपराष्ट्रपति की सुरक्षा में सीआरपीएफ के 100 कमांडो और 2000 पुलिसकर्मी तैनात हैं। रूफटॉप निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है।
उपराष्ट्रपति बोले:
“धर्म को कभी-कभी संकट हो सकता है, लेकिन उसका अस्तित्व अनंत है। मैं 25 साल पहले जब काशी आया था तो मांसाहारी था, पर गंगा स्नान के बाद मैं शाकाहारी बन गया।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“काशी विश्वनाथ और रामेश्वरम् दोनों भगवान शिव के दिव्य स्वरूप हैं — एक उत्तर में, एक दक्षिण में — जो भारत की अखंड आध्यात्मिक एकता का प्रतीक हैं।”
नटुकोट्टई धर्मशाला की विशेषताएं:
- 60 करोड़ रुपये की लागत से 10 मंजिला भवन तैयार
- 140 कमरे (डीलक्स व नॉन-डीलक्स)
- 910.5 वर्गमीटर क्षेत्रफल
- 174 कार पार्किंग स्पेस
- श्रद्धालुओं को तीन वक्त का मुफ्त भोजन
- 15 दिसंबर से बुकिंग प्रारंभ
यह धर्मशाला दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र मानी जा रही है, जो काशी और तमिल संस्कृति के गहरे संबंधों का प्रतीक है।
“एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के साथ उपराष्ट्रपति का यह काशी दौरा ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बन गया।

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