वाराणसी। संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बुधवार को जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह और सहायक निबंधक सहकारिता हर्ष कुमार के साथ उर्वरक वितरण का औचक निरीक्षण किया। खरीफ सीजन में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अधिक यूरिया की बिक्री दर्ज होने पर टीम ने कई विक्रेताओं के वितरण का सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान साधन सहकारी समिति आयर में सचिव राजेंद्र प्रसाद के कार्य में अनियमितता पाई गई। रजिस्टर में एक ही किसान को अगस्त माह में तीन बार यूरिया वितरण दर्ज था। जब कारण पूछा गया तो सचिव ने बताया कि किसान अपनी जमीन न होने के कारण बटाई पर खेती कर रहा है, लेकिन बटाईदारी का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी तरह, आईआईए डीसी मरूई के अंतर्गत कृषक अमर नाथ सिंह को भी तीन बार यूरिया वितरण दर्ज पाया गया। रजिस्टर में उनका मोबाइल नंबर अंकित न होने के कारण सत्यापन नहीं हो सका। इस मामले में भी संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश हुए हैं।
संयुक्त कृषि निदेशक ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि –
किसानों से उर्वरक वितरण के समय खतौनी अनिवार्य रूप से ली जाए।
खतौनी में दर्ज क्षेत्रफल के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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