वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के नाम पर करोड़ों की संपत्ति हड़पने का मामला सामने आया है। नवविवाहिता ने अपने भाई के साथ मिलकर ससुराल की जमीन, मकान और गैस एजेंसी पर कब्जा जमाने के लिए दस्तावेज चोरी कर फर्जी कागजात तैयार किए। घटना में शामिल आरोपी मनीष सोनकर को पुलिस ने 5 साल बाद गिरफ्तार किया है।
पीड़िता एडवोकेट नीलम सोनकर के अनुसार, बेटे शिविन सोनकर की शादी वर्ष 2016 में ज्योति सोनकर से हुई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद ही बहू ने भाई मनीष सोनकर के साथ मिलकर ससुराल की संपत्ति पर नजर डालनी शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने मकान, जमीन और व्यवसायिक संपत्ति के कागजात चोरी कर लिए और फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र लगाकर अपने नाम ट्रांसफर करा लिया।
इसके साथ ही, ससुराल की प्रमुख आय का स्रोत हंस वाहिनी गैस एजेंसी भी अवैध तरीके से ज्योति सोनकर के नाम करवा ली गई। बैंक खातों की चेकबुक से लाखों रुपये निकाले गए। विरोध करने पर पीड़िता परिवार को धमकियां दी गईं और घर का जरूरी सामान लेकर मायके चली गई।
पीड़िता की ओर से थाने और वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने मामले को “पारिवारिक विवाद” बताते हुए कार्रवाई से इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय का सहारा लिया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए 6 नवंबर 2020 को केस दर्ज करने का आदेश दिया।
पुलिस की लापरवाही के चलते गिरफ्तारी में वर्षों का समय लग गया और आखिरकार 15 अगस्त 2025 को आरोपी मनीष सोनकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आरोपी पर धोखाधड़ी और जालसाजी के दो मुकदमे दर्ज हैं।

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