पिंडरा।
भारत सरकार द्वारा डॉल्फिन संरक्षण जागरूकता अभियान की चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गतिविधियों के माध्यम से कंपोजिट विद्यालय रमईपट्टी पिंडरा के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने बुधवार को डॉल्फिन संरक्षण थीम आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसमें 10 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय के स्टेट अवॉर्डी शिक्षक कमलेश कुमार पाण्डेय ने बच्चों को बताया कि डॉल्फिन का संरक्षण न केवल उसके लिए बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि डॉल्फिन जैसी संवेदनशील प्राणी मानव को समुद्र में डूबने से बचाने के साथ-साथ संकट की स्थिति में मदद कर सकते हैं। बाल संसद की प्रमुख शालू पटेल ने डॉल्फिन को बचाने के उपाय सुझाते हुए उसके आवास को सुरक्षित रखने,जल प्रदूषण को कम करने और मछली पकड़ने के सुरक्षित तरीके अपनाने की सलाह दी। तो वही विद्यालय के पर्यावरण मंत्री प्रेम ने प्लास्टिक कचरा, रासायनिक प्रदूषक और तेल रिसाव को डॉल्फिन के लिए हानिकारक बताते हुए नदियों के किनारे पेड़ लगाने तथा रेत खनन जैसी गतिविधियों को रोकने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

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