9 वर्षों में बदली काशी की तस्वीर: 35 हजार करोड़ की परियोजनाएं पूरी, 17 हजार करोड़ के कार्य जारी

पिंडरा/वाराणसी।
प्रदेश सरकार के 9 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं, जहां परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समन्वय देखने को मिल रहा है।

मंत्री ने बताया कि बीते 9 वर्षों में वाराणसी में 35,156 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और पुलिस कल्याण से जुड़ी 486 प्रमुख परियोजनाएं पूर्ण कर जनता को समर्पित की गई हैं। वहीं 17,915 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं।

उन्होंने बताया कि सड़क और सेतु निर्माण पर ही 22,829 करोड़ रुपये खर्च कर 127 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। साथ ही रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्ग के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

स्मार्ट सिटी से मिली आधुनिक पहचान

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 720 स्थानों पर सर्विलांस कैमरे, सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टाउन हॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़ा विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर संस्थान, होमी भाभा कैंसर अस्पताल तथा बीएचयू में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों का निर्माण कराया गया है, जिससे पूर्वांचल के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।

पर्यटन में वैश्विक पहचान

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, नमो घाट, सारनाथ विकास और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग जैसी परियोजनाओं ने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है।

साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रोप-वे, स्पोर्ट्स सिटी और ट्रांसपोर्ट नगर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं।

जनकल्याण योजनाओं से बदली तस्वीर

मंत्री ने बताया कि लाखों किसानों को किसान सम्मान निधि, हजारों परिवारों को आवास योजना, करोड़ों लोगों को आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है।

इसके अलावा युवाओं को टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण, स्वरोजगार योजनाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया गया है।

आर्थिक विकास में बड़ी छलांग

इन प्रयासों का परिणाम है कि वाराणसी का जीडीपी वर्ष 2017 के 22,586 करोड़ रुपये से बढ़कर 51,036 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,03,354 रुपये पहुंच गई है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, एमएलसी धर्मेंद्र राय, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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