आवास विकास के कर्मचारी व वकीलों के बीच हुए विवाद से माहौल हुआ गर्म
एसडीएम के हस्तक्षेप से मामला हुआ शांत
पिंडरा।
तहसील परिसर में खुले आवास विकास परिषद के अस्थाई कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी व वकील के बीच विवाद इतना तूल पकड़ लिया कि मौके पर पुलिस के अधिकारियों के साथ तीन थानों की फोर्स तहसील परिसर में पहुच कर माहौल शांत कराने में जुट गई। एसडीएम पिंडरा व बार अध्यक्ष के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
बताते है शुक्रवार को दोपहर बाद एक तहसील का वकील अनूप पटेल प्रथम तल पर खुले आवास विकास परिषद के कार्यालय पर काशी द्वार के लिए हो रहे बैनामे के डीड के बाबत जानकारी लेने पहुचे। तभी वहां पर तैनात अस्थाई कर्मचारी जुगल किशोर से किसी बात को लेकर कहासुनी होने के साथ मारपीट की नौबत पहुच गई। जिसपर तहसील बार पिंडरा के वकील झआक्रोशित हो गए और आवास विकास परिषद के कर्मचारी व अधिकारियों को बाहर निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा को इसकी जानकारी हुई तो वह आवास विकास परिषद और तहसील बार के अध्यक्ष को अपने कक्ष में बुलाया और दोनो पक्षों की बात सुनी और विवाद को शांत कराया।
इस दौरान एसडीएम के समक्ष वकीलों द्वारा कई मामले उठाये गए। जिसमे रजिस्ट्री को मनमाने ढंग से करने व बिना चकरोड के जमीन को चकरोड रातों रात बनवाकर आवासीय रेट देने सम्बधी अनेक आरोप लगे। जिसपर एसडीएम ने तीन दिन तक काशी द्वार के बैनामे पर रोक लगाते हुए सभी आराजी का सत्यापन पुराने खसरे के साथ कराने के बाद शुरू करने के निर्देश दिए।
वही कहासुनी की घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया । जिसके चलते एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर फूलपुर अतुल कुमार सिंह, बड़ागाँव प्रवीण कुमार सिंह व सिंधोरा ज्ञानेंद्र त्रिपाठी मयफोर्स मौके पर पहुच गए और वकीलों को शांत कराया। वही समझौते के दौरान एसडीएम पिंडरा के अलावा तहसील बार अध्यक्ष प्रीतराज माथुर, पूर्व अध्यक्ष शिवपूजन सिंह, अमर सिंह पटेल, श्रीनाथ गोंड़, सुनील पटेल, रामभरत यादव, आवास विकास परिसर के एई व जेई रहे।