वाराणसी। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक लाइनमैन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मंडुआडीह क्षेत्र में शिकायत के आधार पर ट्रैप लगाकर की गई।
50 हजार की मांग, 20 हजार में तय हुआ सौदा
मंडुआडीह निवासी शुभम श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बकाया बिजली बिल के कारण उनका कनेक्शन काट दिया गया था। समस्या के समाधान के लिए विभाग पहुंचने पर उनकी मुलाकात JE नवनीत यादव से हुई।
आरोप है कि जांच के दौरान JE ने उन्हें धमकाते हुए कहा—“तुम चोरी से बिजली जलाते हो, तुम्हारे खिलाफ FIR होगी।” इसके बाद मामले को निपटाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गई, जो बाद में 20 हजार रुपये पर तय हुई।
लगातार बना रहा दबाव
शिकायतकर्ता ने कुछ समय मांगा, लेकिन JE द्वारा लगातार रिश्वत के लिए दबाव बनाया जाता रहा। परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी।
ऐसे बिछाया गया जाल
एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे नोट शिकायतकर्ता को देकर तय स्थान—मंडुआडीह पावर हाउस—पर भेजा। वहां JE नवनीत यादव और लाइनमैन लक्ष्मण पहले से मौजूद थे।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने मौके पर छापा मारकर दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बरामद हुई रिश्वत की रकम
तलाशी के दौरान JE की जेब से रिश्वत की रकम बरामद की गई। इसके अलावा कुछ अन्य नकदी भी मिली है, जिसकी जांच जारी है। दोनों आरोपियों को मंडुवाडीह थाने ले जाकर मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
संदेश साफ
वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि रिश्वतखोरी में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई होगी और उन्हें सीधे जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।