वाराणसी। Banaras Hindu University के वाणिज्य संकाय में आयोजित संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम में बौद्धिक ऊर्जा, संवाद और छात्र प्रतिभा का शानदार संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में संकाय की छात्र इकाइयों ‘निवेश’ (आधिकारिक न्यूज़लेटर) और ‘संवाद’ (वाद-विवाद समिति) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान ‘निवेश’ न्यूज़लेटर के चौथे संस्करण का औपचारिक विमोचन किया गया। यह पहल छात्रों में वित्तीय साक्षरता, शोध क्षमता और अकादमिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘विचार मंथन’ नामक वार्षिक वाद-विवाद प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता का विषय था—
“प्रमुख समुद्री मार्गों के संवेदनशील बिंदुओं का प्रबंधन संप्रभु राष्ट्रों के बजाय एक अंतरराष्ट्रीय निकाय द्वारा किया जाना चाहिए।”
प्रतिभागियों ने वैश्विक दृष्टिकोण, शोध आधारित तथ्यों और तार्किक तर्कों के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे पूरे सभागार में बौद्धिक चर्चा का माहौल बना रहा।
प्रतियोगिता में भूमिका देवी को सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार मिला, जबकि राहुल यादव उपविजेता रहे। प्रस्ताव के पक्ष में बोलने वाली टीम को विजेता घोषित किया गया।
वाद-विवाद के बाद आयोजित इंटरएक्टिव सत्र में श्रोताओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रश्नों के माध्यम से चर्चा को और गहराई दी। कार्यक्रम के अंत में ‘संवाद’ समिति के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजीत कुमार शुक्ल और विशिष्ट अतिथि सीए जमुना शुक्ल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ. वंदना श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और Madan Mohan Malaviya को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, जो विश्वविद्यालय की समृद्ध परंपरा और गौरवशाली विरासत को दर्शाता है।