Brij Bhushan Sharan Singh ने बिहार के Bhagalpur में आयोजित वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव मंच से राजनीतिक दलों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि उनकी उपयोगिता खत्म हो चुकी है, तो साफ कह दिया जाए। समय आने पर वे अपनी ताकत और अहमियत साबित कर देंगे।
पूर्व सांसद ने कहा, “अगर हम बोझ हैं तो 2027 या 2029 में कह दो, फिर हिसाब बराबर करेंगे।” उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने क्षत्रिय समाज से निराश न होने और संगठित रहने की अपील की।
अपने संबोधन में उन्होंने देश की आजादी के इतिहास पर भी सवाल उठाए। कहा कि स्वतंत्रता का श्रेय कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित कर दिया गया, जबकि Rani Lakshmibai, Veer Kunwar Singh, Birsa Munda जैसे योद्धाओं को उचित सम्मान नहीं मिला।
उन्होंने संविधान पर बोलते हुए कहा कि केवल B. R. Ambedkar ही नहीं, बल्कि संविधान सभा के 242 सदस्य भी इसमें शामिल थे। साथ ही समाज से आत्ममंथन कर अपनी कमजोरियों को पहचानने की अपील की।
अंत में युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए बल, बुद्धि और विद्या तीन सबसे जरूरी गुण हैं।