मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)। रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ट्रक, ट्रेलर, स्विफ्ट कार और बोलेरो की टक्कर के बाद लगी आग में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक घायल की इलाज के दौरान जान चली गई। गुरुवार को सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
10 मिनट तक जलती गाड़ियों में फंसे रहे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद करीब 10 मिनट तक गाड़ियों में फंसे लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बचाने का मौका नहीं मिल सका। बोलेरो और स्विफ्ट कार कुछ ही पलों में आग का गोला बन गईं।
बच्चों के शव देख नम हुई आंखें
पोस्टमार्टम के दौरान जब गठरियों में रखे शव बाहर निकाले गए, तो वहां मौजूद लोगों का दिल दहल उठा। दो मासूम बच्चों समेत कई शव बुरी तरह जल चुके थे—कई की पहचान करना भी मुश्किल हो गया। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, घाटी में नीचे उतर रहा गिट्टी लदा ट्रेलर आगे चल रहा था। उसके पीछे स्विफ्ट कार, फिर दाल लदा ट्रक और सबसे पीछे बोलेरो चल रही थी।
अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया
ट्रक ने स्विफ्ट कार को टक्कर मारी
कार आगे ट्रेलर से भिड़ी
पीछे से बोलेरो भी टकरा गई
टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई
घंटों बाद काबू में आई आग
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्रशासन की पुष्टि
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्राथमिक जांच में ब्रेक फेल को हादसे की वजह बताया है। राहत-बचाव कार्य देर रात तक चलता रहा।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और घाटी वाले हाईवे पर वाहन सुरक्षा, ब्रेक सिस्टम और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।