लखनऊ:
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह निर्णय तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट आने तक प्रभावी रहेगा। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने इस संबंध में सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर पहले ही इंस्टॉल किए जा चुके हैं। बावजूद इसके, कई जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं, जिससे सरकार और ऊर्जा विभाग की चिंता बढ़ गई थी।
बताया जा रहा है कि बढ़ते विरोध और तकनीकी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक तकनीकी कमेटी का गठन किया गया था। यह कमेटी मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग की सटीकता और उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच कर रही है।
तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल के लिए स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह से रोक दी गई है।
ऊर्जा विभाग के इस फैसले को प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो पिछले कुछ समय से स्मार्ट मीटर को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे।