फतेहपुर/लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी तकरार तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गरीबों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामला फतेहपुर के एक चायवाले से जुड़ा है, जिस पर एल्युमीनियम के बर्तन इस्तेमाल करने को लेकर कार्रवाई की गई थी।
इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अखिलेश यादव ने संबंधित चायवाले को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय बुलाया और उसे पीतल का भगोना भेंट किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यंग्य के जरिए सरकार पर हमला
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा व्यंग्य करते हुए सवाल उठाया कि क्या अब घरों में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की भी जांच होगी? उन्होंने कहा, “क्या बड़े-बड़े ब्रांड के बर्तन रखने वालों पर भी छापेमारी होगी? क्या अब यह भी देखा जाएगा कि घर में खिचड़ी किस धातु के बर्तन में बन रही है?”
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर कहा कि एक गरीब चायवाले को केवल एल्युमीनियम का बर्तन इस्तेमाल करने पर प्रताड़ित किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
PDA एकता पर जोर
अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी भाजपा सरकार किसी गरीब की रोजी-रोटी छीनने का प्रयास करेगी, समाजवादी पार्टी उसके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एकता की बात दोहराते हुए इसे सामाजिक न्याय की लड़ाई बताया।
राजनीतिक माहौल गरम
इस पूरे मामले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे गरीबों के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।