उत्तर प्रदेश के में पुलिस ने 42 वर्षों से फरार चल रहे वारंटी रतन उर्फ रतना को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी 1983 के गैर इरादतन हत्या मामले में दोषी ठहराया गया था और जिला अदालत ने उसे 6 साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था।
पुलिस के अनुसार, रतन ने अपनी पहचान छिपाकर रामगढ़ क्षेत्र के नारायण नगर में नया जीवन शुरू कर दिया। वह मजदूरी कर सामान्य जीवन जी रहा था और उसके बेटों तक को यह जानकारी नहीं थी कि उनका पिता वांछित अपराधी है।
के आदेश पर पुलिस ने उसे जिंदा या मुर्दा पेश करने की कार्रवाई तेज की। बिना फोटो और पहचान पत्र के सिर्फ पुराने नाम के आधार पर पुलिस टीम ने एक महीने तक सादे कपड़ों में अभियान चलाया और आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने कहा कि उसे कभी उम्मीद नहीं थी कि 42 साल बाद पुलिस उसके दरवाजे तक पहुंच जाएगी। अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।